इनामी बदमाश छोटू यादव के साथियों पर भी शिकंजा कसेगी पुलिस

भागलपुर । वरीय संवाददाता Updated: 19 मार्च, 2017 12:45 PM

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नवगछिया के कुख्यात अपराधी पुरुषोत्तम यादव उर्फ छोटू यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके करीबियों पर शिकंजा कसेगी। पुलिस को आशंका है कि जेल में रहते हुए भी छोटू यादव अपने प्रतिद्वंद्वियों पर हमला करा सकता है।

इस आशंका की एक वजह यह भी है कि बाहुबली विनोद यादव की हत्या के बाद छोटू यादव के साथ कई निमुछिये लड़के जुड़ गए हैं और फरार मंटा सिंह व कुमोदी यादव भी छोटू के करीबी हैं। छोटू यादव के जेल जाने के बाद नवगछिया में इन्हीं में से कोई एक व्यक्ति गिरोह का संचालन कर सकता है।

गिरफ्तारी के बाद छोटू यादव ने पुलिस के समक्ष जो बयान दिया है, उससे पुलिस भी हैरान है। पुलिस तो उसके बयान का खुलासा नहीं कर रही है, लेकिन छोटू यादव ने साफ कहा है कि सधुआ चापर पंचायत के मुखिया मोती यादव समेत कई लोग उसके निशाने पर हैं। इसलिए पुलिस समय रहते नवगछिया और भागलपुर में छोटू यादव के करीबियों का पता लगाने में जुट गई है।

विनोद यादव की हत्या के बाद छोटू यादव के आका मंटा सिंह पुलिस की नजर में भले ही फरार है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि मंटा सिंह जिले में ही छिपकर रह रहा है और पुलिस भी उस पर हाथ डालने से कतरा रही है।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि छोटू यादव की गिरफ्तारी के लिए नवगछिया और भागलपुर में गठित टीम को ही उसके साथियों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई है।

विनोद यादव हत्याकांड में छोटू के करीबी टनटन उर्फ राजवीर और धनंजय सिंह समेत करीब 10 लोगों को जेल भेजा जा चुका है, लेकिन फरारी के दौरान उसने कई नये लड़कों को गिरोह में शामिल कर लिया था, लेकिन पुलिस उनकी पहचान नहीं कर सकी है। एसएसपी ने कहा है कि छोटू की गिरफ्तारी के बाद अब नवगछिया में शांति लौटेगी। कोई अपराधी बख्शा नहीं जाएगा।

एक सिम से सिर्फ दो लोगों से बात करता था छोटू

विनोद यादव हत्याकांड के बाद आरोपी छोटू यादव फरार रहने के दौरान 50 से अधिक सिम और 25 से अधिक मोबाइल का उपयोग कर चुका है। वह एक सिम से एक या दो लोगों से ही बात करता था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के समय 10 मोबाइल बरामद किए थे।

छोटू ने भी पुलिस के समक्ष स्वीकार किया था कि उसे पता था कि एक सिम से लगातार बात करने पर वह पकड़ा जाएगा। इसलिए बात करने के बाद मोबाइल ऑफ कर देता था। उसके बाद नए मोबाइल व सिम का उपयोग करता था। नवगछिया में उसके करीबी ही उसे सिम-मोबाइल उपलब्ध कराते थे।

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