रांची टेस्ट में शतक जड़ने वाले साहा इस मामले में 9वें नंबर पर आए

नई दिल्ली, लाइव हिन्दुस्तान टीम Updated: 20 मार्च, 2017 8:36 AM

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भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट के चौथे दिन पहली पारी में नौ विकेट पर 603 रनों की पारी घोषित की। रिद्दीमान साहा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जारी तीसरे टेस्ट में खूबसूरत पारी खेकर 117 रन बनाए। वहीं चेतेश्वर पुजारा ने 202 रन बनाए और दोनों बतौर बल्लेबाज टीम इंडिया के लिए काफी उपयोगी साबित हुए। 

साहा ने 233 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौकों व एक छक्के की मदद से 117 रन बनाए। यह साहा का टेस्ट में तीसरा शतक था। बतौर विकेटकीपर टेस्ट में यह भारत की ओर से कुल 19वां शतक होने के साथ 9वां सबसे बड़ा स्कोर है। 

साहा के अलावा आठ और विकेटकीपरों के खाते में शतक है। साहा ने इस मैच से पहले 23 टेस्ट में 2982 के औसत

'रांची का शतक अभी तक की मेरी सर्वश्रेष्ठ पारी'

आस्ट्रेलिया के खिलाफ 117 रनों की पारी खेल भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने वाले साहा ने रविवार को कहा कि यह उनके करियर की अभी तक की सर्वश्रेष्ठ पारी है। साहा ने दोहरा शतक लगाने वाले चेतेश्वर पुजारा (202) के साथ सातवें विकेट के लिए 199 रनों की साझेदारी की भारत को 152 रनों की बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई। 

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भारत ने इस साझेदारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया द्वारा पहली पारी में बनाए गए 451 रनों के विशाल स्कोर का मजबूत जवाब देते हुए अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 603 रनों पर घोषित कर दी। 

चौथे दिन का खेल खत्म होने के बाद साहा ने कहा, 'मेरे तीन शतकों में से यह सर्वश्रेष्ठ है। हमें साझेदारी की सख्त जरूरत थी। मेरी साझेदारी धीरे-धीरे शुरू हुई और फिर इसके बाद उन्होंने (पुजारा) दोहरा शतक और मैंने शतक बनाया।'

साहा से जब पूछा गया कि क्या वह अपनी बल्लेबाजी में सुधार देखते हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने अपनी बल्लेबाजी में ज्यादा बदलाव नहीं किए हैं। मैं अपने पर पहले से ज्यादा भरोसा करने लगा हूं। पहले जब मैं स्वीप शॉट खेलता था या बाहर निकल कर शॉट मारना चाहता था तब मेरे मन में डर रहता था। लेकिन अब टीम मेरा समर्थन कर रही है। इसका मेरी बल्लेबाजी पर काफी असर पड़ा है।'

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साहा ने कहा कि पुजारा ने धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और अपने शॉट्स को रोकते हुए वह एक छोर पर खड़े रहे। 

उन्होंने कहा, 'पुजी (पुजारा) के पास काफी धैर्य है।  उन्होंने घरेलू क्रिकेट में कई 200-300 रनों की पारियों खेली हैं। वह हमेशा अपने खेल के शीर्ष पर रहते हैं। उन्होंने यहां गजब का धैर्य दिखाया।'

साहा ने कहा, 'एक छोर से उन्हें साथ नहीं मिल रहा था और न ही हमें बड़ी साझेदारियां मिल रही थीं। उन्होंने अपने शॉट्स को रोका और साझेदारी करने की कोशिश की।'

ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोस हाजलेवुड के साथ हुई नोकझोंक पर साहा ने कहा, 'हल्का-फुल्का मजाक चलता है। पुजारा ने उनसे कहा स्कोरबोर्ड की तरफ देखो। वह उस समय 180 के करीब खेल रहे थे। उन्होंने मुझे भी कुछ कहा तो मैंने कहा कि वापस जाओ और गेंद डालो। इससे ज्यादा कुछ नहीं।'

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