ट्रंप चुनाव कैंपेन में कथित रूसी दख़ल की जांच हो रही है: FBI प्रमुख

वाशिंगटन, एजेंसी Updated: 21 मार्च, 2017 12:21 AM

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अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के प्रमुख ने इस बात की पुष्टि की है कि एजेंसी पिछले साल के राष्ट्रपति चुनाव में रूस के हस्तक्षेप की जांच कर रही है। इस जांच के दायरे में ट्रंप की प्रचार टीम एवं मास्को के बीच का संभावित संबंध भी है।

प्रतिनिधि सभा की खुफिया मामले की स्थायी प्रवर समिति के समक्ष एफबीआई निदेशक जेम्स कोमे ने कहा कि चल रही जांच की पुष्टि करने का फैसला विरला है, क्योंकि नीति के तहत एजेंसी किसी वर्तमान जांच की पुष्टि नहीं करती है।

उन्होंने कहा कि बहरहाल, न्याय विभाग ने व्यापक जनहित में इस मामले में सहमति दी है। उन्होंने कहा, जांच के दायरे में ट्रंप की प्रचार टीम से जुड़े लोगों और रूस सरकार के बीच के किसी तरह के संपर्क की बात भी है। इसकी भी जांच हो रही है कि क्या ट्रंप की प्रचार टीम और रूस के प्रयासों के बीच किसी तरह का तालमेल था। कोमे ने मौजूदा जांच के बारे में विवरण देने से इनकार किया। काम के बहुत जटिल होने की बात स्वीकार करते हुए एफबीआई निदेशक ने कहा कि जांच को पूरा करने की कोई मियाद नहीं है। 

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एफबीआई के निदेशक जेम्स कोमे ने पहली बार इस मामले में सार्वजनिक तौर पर कुछ बोला है। इसके साथ ही ट्रंप की ओर से लगाए गए फोन टैपिंग के आरोपों की जांच भी किया जाना है। ट्रंप ने चार मार्च को ट्वीट किया था कि ओबामा ने उनके फोन टैप कराए थे। इन आरोपों के बाद देश में तेज राजनीतिक बहस छिड़ गई थी।

उधर कांग्रेस सदस्य और सदन के खुफिया मामले की स्थायी समित के अध्यक्ष डेविड नुनेस ने कहा कि पुतिन शासन का दूसरे देशों के प्रति आक्रामक कार्रवाई का लंबा इतिहास रहा है। उदाहरण के तौर पर इसने हाल में ही अपने दो पड़ोसियों पर बर्बर हमला किया। सीरिया मे असद शासन को बचाने के लिए तो रूस ने बर्बर सैन्य कार्रवाई की सीमाएं तोड़ दीं। लेकिन इसकी परोक्ष कार्रवाई भी अनेक रूपों में होती रहती हैं। उन्होंने कहा कि रूस ने दूसरे देशों के चुनाव प्रणालियों और उद्योगों पर भी साइबर हमले किए हैं।

डेमोक्रेटिक पार्टी ने रूस को लेकर आरोप गढ़े : ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी पर उनके चुनाव अभियान के रूस से संबंध होने और राष्ट्रपति चुनाव में रूस के हस्तक्षेप से जुड़े आरोप गढ़ने का इल्जाम लगाया और कहा कि इसके बजाए संघीय जांचकर्ता गोपनीय सूचना के मीडिया में लीक होने की जांच करें।

राष्ट्रपति ने टि्वटर पर लिखा, ‘कांग्रेस, एफबीआई एवं अन्य सभी को इसकी बजाए गोपनीय सूचना के लीक होने के मामले पर ध्यान देना चाहिए। लीक करने वाले का पता लगाया जाना चाहिए।’

ट्रंप ने आठ नवंबर को हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में रूसी हस्तक्षेप के डेमोक्रेटिक पार्टी के आरोप को खारिज करते हुए कहा, डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने खराब अभियान के बहाने के तौर पर रूस से जुड़ी कहानी गढ़ी और उसे फैलाया। वे निवार्चक मंडल में बड़ा फायदा होने के बावजूद हार गए।

ट्रंप के चुनाव अभियान के रूस के शीर्ष अधिकारियों के साथ संभावित संबंधों को ट्रम्प ने पूरी तरह खारिज किया लेकिन यह चुनाव के दौरान प्रमुख मुद्दा था।

ट्रंप के फोन टैपिंग मामले में कोई सबूत नहीं
अमेरिका के दो शीर्ष खुफिया अधिकारियों ने सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस आरोप को खारिज कर दिया कि पिछले साल चुनाव के दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के आदेश पर न्यूयॉर्क स्थित ट्रंप टावर में फोन टैपिंग कराई गई थी।

एफबीआई प्रमुख जेम्स कोमे और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के निदेशक एडमिरल माइकल रोजर्स ने कहा कि ट्रंप के इस दावे को लेकर कोई सबूत नहीं है। प्रतिनिधि सभा की खुफिया मामले की स्थायी प्रवर समिति के समक्ष कोमे ने कहा, पहले के प्रशासन के आदेश पर टैपिंग कराए जाने के राष्ट्रपति के ट्वीट के संदर्भ में मेरे पास ऐसी कोई सूचना नहीं है जिससे उनके ट्वीट सच साबित होते हों। हमने एफबीआई के भीतर ध्यान से इसे देखा है। एनएसए निदेशक रोजर्स ने भी इसी का समर्थन किया और कहा कि ट्रंप के आरोप के पक्ष में कोई सबूत उपलब्ध नहीं है।

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