नई वाई-फाई प्रणाली देगी 100 गुना तेज इंटरनेट

लंदन, एजेंसियां Updated: 19 मार्च, 2017 10:44 PM

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वैज्ञानिकों ने हानिरहित इन्फ्रारेड किरणों पर आधारित एक नया वायरलेस इंटरनेट विकसित किया है। यह मौजूदा वाई-फाई नेटवर्क से 100 गुना तेज है। साथ ही अपेक्षाकृत अधिक उपकरणों का समर्थन करने की क्षमता है। धीमा वाई-फाई एक बड़ी समस्या है। इसका अनुभव लगभग हर व्यक्ति को है। घर में वायरलेस उपकरण अपेक्षाकृत अधिक डाटा खपत करते हैं। यह खपत बढ़ती ही जाती है और वाई-फाई नेटवर्क को संकुलित (कंजस्टेड) करती है।

लेकिन नीदरलैंड की इंधोवेन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने जो वायरलेस नेटवर्क विकसित किया है उसकी क्षमता 40 गीगाबाइट प्रति सेकेंड से भी अधिक है। बेशक यह काफी अधिक है। साथ ही इसको साझा करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि हर उपकरण को अपनी खुद की प्रकाश की किरण मिलती है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, नई प्रणाली साधारण और सस्ती है। इसे स्थापित करना आसान है। इसका वायरलेस डाटा कुछेक केंद्रीय ‘लाइट एंटीना’ से आता है, जो सटीक तरीके से एक ऑप्टिकल फाइबर द्वारा भेजी गई किरणों को निर्देशित करता है। इन एंटीना में एक जोड़ी सलाखें होती हैं जो विभिन्न कोणों पर विभिन्न वेबलेंथ की प्रकाश किरणें छोड़ती हैं। प्रकाश की वेबलेंथ बदलने से प्रकाश किरण की दिशा बदल जाती है। इसमें सुरक्षित इन्फ्रारेड वेबलेंथ का इस्तेमाल किया गया है जो आंखों को नुकसान नहीं पहुंचाता। 

शोधकर्ताओं ने कहा कि यदि आप इसके उपयोक्ता के रूप में टहलते हैं और आपका स्मार्टफोन या टैबलेट लाइट एंटीना के दृष्टिपथ से बाहर हो जाता है तब अन्य लाइट एंटीना काम संभाल लेता है। दरअसल यह नेटवर्क अपने रेडियो सिग्नल के जरिये हरेक वायरलेस उपकरण तक पहुंचता है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा वाई-फाई 2.5 से पांच गीगा हर्ट्ज की आवृत्ति का रेडियो सिग्नल का इस्तेमाल करते हैं। नई प्रणाली में 1500 नैनोमीटर या इससे अधिक वेवलेंथ पर इन्फ्रारेड प्रकाश का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें प्रकाश की आवृत्ति लगभग 200 टेरा हर्ट्ज होती है। इससे डाटा क्षमता काफी बढ़ जाती है।

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