आरएसएस पश्चिम बंगाल में बढ़ते जिहादी हमलों पर करेगा चर्चा

कोयंबटूर, एजेंसी Updated: 19 मार्च, 2017 5:38 PM

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने आज पश्चिम बंगाल सरकार पर राज्य में इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा किये जा रहे हमलों पर मूकदर्शक बने रहने तथा जिहादियों का तुष्टिकरण करने का आरोप लगाया।

आरएसएस के सह सरकार्यवाह भगैया ने बताया कि आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा पिछले तीन सालं से पश्चिम बंगाल में इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा फैलाये जा रहे आतंक के मुद्दे पर चर्चा करेगी। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि यहां आरएसएस की इस तीन दिवसीय बैठक में इस मुददे पर चर्चा के बाद एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा और उसे केंद्र के पास समाज पर जिहादियों का हमला रोकने के लिए कदम उठाने तथा पश्चिम बंगाल सरकार पर कट्टरपंथियों पर अंकुश लगाने के वास्ते दबाव डालने के लिए भेजा जाएगा।

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उन्होंने आरोप लगाया कि तणमूल कांग्रेस सरकार इन हमलों के सिलसिले में कोई कदम नहीं उठा रही है और मूकदर्शक बनी हुई है, वह समाज एवं लोगों की आतंकवादियों से रक्षा करने के बजाय जिहादियों का तुष्टिकरण में लगी हुई है।

भगैया ने कहा कि राज्य में जिहादी लोगों को सरस्वती पूजा नहीं करने के लिए मजबूर तक कर रहे हैं और वे उन्हें पैगंगर मोहम्मद नाबी का जन्मदिन मिलाद उन नबी मनाने के लिए बाध्य कर रहे हैं। उन्होंने एक थाने को भी जला दिया। इस प्रकार के जिहादी हमले राष्ट्रीय सुरक्षा एवं हित पर गंभीरता से असर डाल रहे हैं।

पड़ोसी राज्य केरल में आरएसएस और माकपा कार्यकतार्ओं की हत्या के संबंध में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, यह उस पार्टी (माकपा) का मूल स्वभाव है क्योंकि वह असहिष्णु है। भगैया के अनुसार प्रतिनिधिसभा की बैठक का आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत ने उदघाटन किया। उसमें देशभर से 1400 से ज्यादा प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

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