मणिपुर में 150 दिन बाद आर्थिक नाकेबंदी खत्म, लोगों को राहत

इंफाल, एजेंसी Updated: 20 मार्च, 2017 7:36 AM

+ -

मणिपुर में करीब पांच माह से जारी यूनाइटेड नगा काउंसिल (यूएनसी) की आर्थिक नाकेबंदी रविवार मध्यरात्रि के बाद समाप्त करने पर सहमति बन गई है। यह कदम सोमवार को भाजपा की नई सरकार के विश्वासमत हासिल करने के एक दिन पहले उठाया गया है। केंद्र, राज्य सरकार और नगा समूहों की बातचीत के बाद एक आधिकारिक बयान में आर्थिक नाकेबंदी खत्म करने को लेकर सहमति बनने की बात कही गई है।

राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार के सात नए जिले बनाए जाने के फैसले के खिलाफ यूएनसी ने एक नवंबर 2016 को आर्थिक नाकेबंदी शुरू की थी। सेनापति जिला मुख्यालय में आयोजित त्रिपक्षीय वार्ता के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है, यूएनसी नेताओं को बिना शर्त रिहा किया जाएगा और आर्थिक नाकेबंदी को लेकर नगा जनजातीय नेताओं और छात्र नेताओं के खिलाफ चल रहे मामलों को खत्म किया जाएगा।

बयान पर केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव सत्येंद्र गर्ग, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) जे. सुरेश बाबू और मणिपुर सरकार के आयुक्त (कार्य) राधाकुमार सिंह एवं यूएनसी महासचिव एस. मिलन और ऑल नगा स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सेठ सतसंग के हस्ताक्षर हैं।

चुनाव में यह प्रमुख मुद्दा था
मणिपुर विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने राज्य में जारी आर्थिक नाकेबंदी को चुनावी मुद्दा बनाया था। पार्टी ने सरकार गठन के तुरंत बाद इसे खत्म करने का संकल्प भी जताया था। बहरहाल, इससे पहले, इंफाल में गत सात फरवरी को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो और 37 की नाकेबंदी को खत्म करने के लिए त्रिपक्षीय वार्ता हुई थी, लेकिन वह विफल रही थी।

नई सरकार आज विश्वास मत हासिल करेगी
मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार विधानसभा में 20 मार्च को विश्वास मत हासिल करेगी। मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला द्वारा दिए गए कार्यक्रम को देखते हुए शक्ति प्रदर्शन का निर्णय लिया है, जिससे विधानसभा का सत्र तत्काल शुरू हो सके। राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला 21 मार्च को विधानसभा सत्र को संबोधित करेंगी।

जरूर पढ़ें

From around the web