वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने का संकल्प: गृहमंत्री

फरीदाबाद। वरिष्ठ संवाददाता Updated: 18 मार्च, 2017 10:37 PM

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गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुणा करने का एक संकल्प लिया है और हम इस आशा को विश्वास में बदलेगें। इसे लेकर सरकार की ओर से प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। गृह मंत्री शनिवार को सूरजकुंड में आयोजित तीन दिवसीय कृषि नेतृत्व शिखर सम्मेलन 2017 के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्यअतिथि कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में कृषि क्षेत्र ही सन-राइजिंग सेक्टर है,  जिसमें अपार संभावनाएं है। कृषि को सम्मानजनक और लाभकारी पेशा बनाया जा सके, इस दिशा में हरियाणा सरकार ने यह सम्मेलन आयोजित करके प्रभावी कदम उठाया है। सिंचाई की समुचित व्यवस्था के लिए नाबार्ड के तहत 20 हजार करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था की गई है, ताकि वर्ष 2019 तक 76 लाख हेक्टेयर असिंचित भूमि को सिंचित बनाया जाएगा। किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मुल्य मिल सके, इसे लेकर मार्च 2018 तक देशभर की 585 मंडियों को ई-नाम पोर्टल से जोड़ दिया जाएगा, ताकि किसान एक क्लिक के बाद किसान यह जान सकें कि किस मंडी में किस उत्पाद के रेट अच्छे मिल रहे हैं। 

उन्होंने सम्मेलन में आए सभी किसानों को अपना परिवार का सदस्य बताते हुए व स्वागत करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार ने पारपरिंक खेती को आधुनिक खेती में बदलने के लिए इस प्रकार के आयोजन करके प्रभावी कदम उठाए है। दुनिया में कुछ लोगों का यह मिथक था कि खेती या कृषि में अब संभावनाएं समाप्त हो चुकी हंै, लेकिन भारत में तकनीक के सहयोग से खेती में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि देश में पंजाब व हरियाणा दो ऐसे राज्य हैं , जिन्होंने भारत को खाद्यान में आत्मनिर्भर बनाया है। भले ही हरियाणा में 90 लाख एकड़ में खेती हो, लेकिन धान व गेहूं का यहां रिकार्ड उत्पादन है तथा गन्ना में भी हरियाणा सर्वाधिक उत्पादन करता है। उन्होंने कहा कि एग्री लीडर वह किसान है जो जागरूक है और बाजार का मिजाज जानता है तथा उसके अनुरूप ही अपने उत्पाद का प्रसंस्करण् एवं पैकेजिंग करता है। 

पिछले तीन-चार दशकों से ही कृषि क्षेत्र में नई-नई तकनीकें आई है और इस प्रकार के सम्मेलन आयोजित करके नई-नई तकनीकों को किसानों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड की अगुवाई में राज्य के 340 गांवों को बागवानी गांवों के रूप में चिन्हित किया गया है, जो एक सराहनीय कदम हैं। 

खाद्य प्रसंस्करण में अपार संभावनाएं: एसोचैम
उन्होंने किसानों से कहा कि वे हरियाणा दिल्ली से सटा है। इसके चलते वे एनसीआर की आवश्यकताओं के अनुरूप फल, फूल व सब्जी का उत्पादन करके अपनी पैदावार की अच्छी कीमतें ले सकते हैं। खाद्य प्रसंस्करण में अपार सभांवनाए हैं एसोचैम द्वारा करवाए गए एक सर्वें के अनुसार 33 बिलियन डालर की इस क्षेत्र में संभावनाए हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की नई-नई चीजों का लाया जा सकता है चाहे उस उत्पाद का वितरण, विपणन या बांडिंग हीं क्यों न हो, प्रगतिशील किसान इस क्षेत्र में प्रभावी कदम उठा सकते है।

नीम कोटेड यूरिया का किया प्रावधान
पिछली सरकारों के समय में किसानों को यूरिया खाद व उवर्रक लेने के लिए लाईनों में खड़ा रहना पड़ता था। कुछ राज्यों में शासन व प्रशासन की ओर से किसानों पर लाठियां तक बरसाई जाती थी। उन्होंने कहा कि पहले कुछ बडे़ उद्योगपति यूरिया का दुरुपयोग करते थे। इसके निदान के लिए सरकार ने नीम-कोटेड यूरिया का प्रावधान किया गया। इससे जहां भूमि खराब नहीं होती, वहीं भूमि की क्षमता भी बढ जाती है तथा पहले के मुकाबले नीम-कोटेड यूरिया को खेतों में कम मात्रा में डालना भी पडता है।

डेयरी, मत्स्य पालन से जुडे़ सेक्टरों को 8 हजार करोड़
गृहमंत्री ने कहा कि डेयरी, मत्स्य पालन, पोल्टी के साथ-साथ इससे जुडे सेक्टरों को बढ़ावा देने के लिए 8000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान वर्ष 2017-18 के लिए डेयरी के लिए सुनिश्चित किया गया है। वैसे तो दुग्ध उत्पादन में भारत नंबर एक पर हैं परंतु भारतीय नस्ल के पशु किस प्रकार दुधारु पशु बनं, उन्हें कैसे विकसित किया जा सकें, इस ओर आगे बढने की जरूरत है। 

इससे पूर्व, कृषि मंत्री धनखड ने कहा कि हरियाणा के किसानों को पैरी-अर्बन खेती में आगे आना होगा। फल-फूल व सब्जियों के साथ-साथ दूध व मत्स्य के उद्योग को बढावा देते हुए दिल्ली के लिए सप्लाई चेन का काम करना होगा। हरियाणा में 21 लाख दुधारू पशु हैं और यदि हम इस पशुधन को दोगुणा कर दे तो इससे हरियाणा में 42 लाख दुधारु पशुधान हो जाएगा। ऐसा करके हम देश में दूध उत्पादन में नंबर एक पर आ जाएंगें। हरियाणा आज दुनिया का पहला ऐसा राज्य हैं जहां देसी गाय का दूध अलग से पैक करके दिया जा रहा है। देसी गाय का दूघ व घी व्यक्तियों के लिए सबसे अच्छा होता है क्योंकि यह व्यक्ति की तापमान पर भी पिघल जाता है और इससे ह्रदय रोग भी नहीं होता है।

सम्मेलन में होंगे 18 सेमिनार
इस सम्मेलन में 18 सेमीनार होंगें जिनमें मंत्रालय, विश्वविद्यालय, अर्थ शास्त्री, मंडियों से जुडे़ लोग, विशेषज्ञ और शिक्षक भी होंगें। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को जानकारी हासिल करने व सीखने का यह एक अनुपम अवसर व मंच मुहैया करवाया गया है। 

इस मौके पर कृषि से जुडी एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। इससे पहले, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने मुख्य अतिथि गृह मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री एसएस आहलुवालिया का पगड़ी व शाल पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर उद्योग मंत्री विपुल गोयल, सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर, मुख्य संसदीय सचिव सीमा त्रिखा, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड की चेयरपर्सन कृष्णा गहलावत, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, विधायक मूलचंद शर्मा, टेकचंद शर्मा, फरीदाबाद महापौर सुमन वाला, केन्द्रीय पशुपालन मंत्रालय के सचिव देवेन्द्र चौधरी, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव शोभना के पटनायक भी मौजूद रहे।-------------

नई आबादी के लिए नहीं संसाधन:आहलुवालिया
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री एसएस आहलुवालिया ने कहा कि नई आबादी के लिए संसाधनों नहीं हैं। ऐसे में लोगों के सामने खाद्य पदार्थों की दिक्कत आएगी। नतीजतन फसल विविधकरण के साथ-साथ खादय पदार्थों की उत्पादकता बढ़ानी जरूरी है।

कृषि शिविर सम्मेलन में आए मंत्री ने सूरजकुंड में यह बात कही। उन्होंने यहां लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। उनके साथ प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ भी मौजूद रहे। प्रदर्शनी के दौरान हरेडा की ओर से सोलर उर्जा से संबंधित जानकारी किसानों को दी गई। परियोजना अधिकारी पीसी शर्मा के नेतृत्व में इंजीनियर सुशील धींगड़ा, निरंकार मिश्रा व अनूप वशिष्ठ ने किसानों को सोलर पैनल के बारे में जानकारी मुहैया कराई। इससे पहले केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री ने  कहा कि हरियाणा आज दूध उत्पादन में बहुत आगे है। हर साल हम एक नया आस्ट्रेलिया भी पैदा करते हैं उस नई आबादी के लिए हमारे पास संसाधन नहीं हैं। ऐसे में सतर्कता के साथ हमें जागरूकता का परिचय देते हुए सरकार की कल्याणकारी नीतियों का लाभ उठाना होगा। कुछ प्रगतिशील किसान पशुओं के माध्यम से साल में 30 से 40 लाख रुपये तक कमा रहे हैं। आज का युग कम्प्यूटर का युग है और कृषि में नई नई तकनीकों को अपनाने के लिए नौजवानों को आगे आना चाहिए ताकि वह कम्प्यूटर के माध्यम से इन तकनीकों की जानकारी अपने परिजनों को दे सकें।

एग्री लीडरशिप मेला प्रेरणादायी: छत्तीसगढ़  
छतीसगढ़ के कृषि मंत्री बृज मोहन ने कहा कि हरियाणा का एग्री लीडरशिप मेला प्रेरणादायी है। कृषि में सबसे ज्यादा रोजगार की संभावनाएं है। यदि नौजवान पीढी कृषि क्षेत्र जैसे कि ई-मार्किटिंग, ई-पोर्टल इत्यादि से जुडे़गी तो कृषि में रोजगार की बढोतरी होगी। उन्होंने कहा कि उनके राज्य में जैविक खेती को बढावा दिया जा रहा है और इस सम्मेलन में जैविक खेती के बारे में जानकारी दी जा रही है। 

पहले दिन खाने को लेकर बनी रही अव्यवस्था
प्रदेश भर से किसानों बुलाए गए किसानों के लिए यहां खाने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन दोपहर भोज के दौरान उस समय अव्यवस्था बन गई, जबकि किसानों को भोजन नहीं मिला। इससे नाराज किसान बौखला गए। खाना बना रहे मजदूरों का कहना है कि बाद में किसान उनके राशन को ही उठाकर ले गए। किसानों ने बताया कि वह सुबह चार बजे घरों से चले हैं। खाना भी नहीं मिला, इससे वह पूरी तरह परेशान हैं।

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