10.40 लाख लोगों ने आयकर के ई-मेल का जवाब नहीं दिया: केसी जैन

फरीदाबाद वरिष्ठ संवाददता Updated: 20 मार्च, 2017 10:42 PM

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आयकर विभाग के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र के प्रधान, मुख्य आयकर आयुक्त केसी जैन ने कहा है कि विमुद्रीकरण(नोटबंदी) के बाद बैंक खातों में जमा हुई नकदी के आधार पर ‘ऑपरेशन क्लीन मनी’ को लेकर 18 लाख लोगों को ई-मेल भेजकर जमा हुई नकदी का स्त्रोत बताने के लिए कहा था। इनमें से करीब 10 लाख 40 हजार लोगों ने विभाग को जवाब ही नहीं दिया है। 

प्रधान, मुख्य आयकर आयुक्त सोमवार देर शाम सेक्टर-21सी स्थित होटल पार्क प्लाजा में उद्योगपतियों, इंकम टैक्स बार एसोसिएशन और चार्टर्ड अकाउंटटेंट की एसोसिएशन के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अभी तक सिर्फ 7.7 लाख लोगों ने ही विभाग को जवाब भेजा है। उन्होंने कहा कि लोग बेहिचक नोटिस का जवाब दें। तथ्य ठीक पाए गए तो संबंधित व्यक्ति को बिना बुलाए ही आयकर विभाग अगामी कार्रवाई बंद कर देगा। उन्होंने बताया कि विभाग ने 15 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक नकदी जमा करवाने वालों को ई-मेल और एसएमएस के जरिए नोटिस जारी किए गए थे। इस मौके पर प्रधान आयकर आयुक्त अनुराधा मुखर्जी ने कहा कि नोटिस का जवाब देने के लिए यदि कोई कागजात मांगा जाता है तो दफ्तर आने के बजाय ई-मेल के जरिए ही भेज दें। यदि किसी के पास अघोषित आय है तो 31 मार्च तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में जमा करवा दें। यह सरकार की ओर से अंतिम मौका है। 

इस मौके पर उपस्थित लोगों ने विभाग की टीडीएस ब्रांच की कारगुजारियों का पिटारा खोल दिया। उनका कहना था कि मामूली रकम पर भी लोगों को नोटिस भेजकर मुकदमा दायर करने की धमकी दी जाती है। कुछ लोगों ने आयकर विभाग पर उनके लिखे पत्र का जवाब न देने का आरोप लगाया। इस अवसर पर आयकर आयुक्त (अपील ) मनु मलिक, ज्वाइंट कमिश्नर शशि काजले, राजेश कुमार, आयकर अधिकारी रामदत्त शर्मा, आरके सिंह आदि मौजूद थे। 

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