दर्शकों ने झोटा के साथ ली सेल्फी

फरीदाबाद वरिष्ठ संवाददाता Updated: 18 मार्च, 2017 10:32 PM

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पानीपत जिला के गांव डिडवाडी के गोलू डेयरी फॉर्म का 25 करोड रुपये का शहंशाह नामक मुर्राह नस्ल का झोटा दर्शकों के आकर्षण का केन्द्र रहा। दर्शकों ने इस झोटे के साथ सेल्फी भी ली।

शहंशाह के मालिक नरेन्द्र सिंह पुत्र श्री रणधीर सिंह का कहना है कि 7 अक्तुबर 2016 को उत्तर प्रदेश में आयोजित प्रतियोगिता में सुदंरता के मामले में चैम्पियन आंका गया। चार साल के शहशांह की लंबाई 15.5 फीट है और उंचाई 5 फुट 10 इंच हैं। शहंशाह के अलावा, जिला जींद के गतौली निवासी दलेल सिंह का झोटा रुस्तम भी दर्शकों को आर्कर्षित कर रहा था। 

सोनालिका ने दिया टैक्टर ईनाम 
कृषि नेतृत्व शिखर सम्मेलन के पहले दिन आज जैविक खेती में उत्कृष्टता के लिए सोनालिका कंपनी की ओर से चरखी दादरी जिला बख्तरखेडी गांव के निवासी सज्जन सिंह को सोनालिका टैक्टर इनाम में दिया। यह इनाम केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री एस एस आहलुवालिया तथा केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर द्वारा दिया गया। 

पशुपालन व जैविक खेती अपनाने पर जोर 
कृषि विज्ञान केन्द्र कुरूक्षेत्र के प्रभारी डा. हरिओम ने किसानों को संबोधित करते हुए पशुपालन व जैविक खेती अपनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि फसलों में पोषक तत्वों का सन्तुलन खराब हो रहा है। फसलों के लिए जरूरी सभी 18 पौषक तत्वों में से यदि एक भी पोषक तत्व कम हो जाये तो शेष बचे पोषक तत्वों का फसलों को कोई लाभ नहीं मिलता। बार-बार खेती करने कृत्रिम खाद व कीटनाशकों के अधिक उपयोग करने से नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, सल्फर, ंिजक व आयरन जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की कमी आने से फसलों की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। भूमिगत जल दोहन से जल तेजी से नीचे जा रहा है। कीट और बीमारियां तेजी से बढ़ रहे हैं जिन्हें रोकने के लिए कीटनाशकों का तेजी से प्रयोग किया जा रहा है। इन्हें तुरन्त रोका जाना चाहिए और इस बारे सभी आवश्यक कदम उठाए जाने चाहियें। ऐसे में कृत्रिम खाद व दवाओं की बजाये पशु पालन व जैविक खेती गुणवत्तापरक परिणाम लाने में सक्षम है। जिन्हें अपनाये जाने की जरूरत है। 

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