बहराइच में निमोनिया का कहर,24 घंटे में 5 बच्चों की मौत

बहराइच। हिन्दुस्तान संवाददाता Updated: 20 मार्च, 2017 6:37 AM

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मौसम बदलने से बुखार, निमोनिया सहित कई बीमारियां बच्चों की जिन्दगी के लिए खतरनाक साबित हो रही हैं। जिला अस्पताल में 24 घंटे के भीतर बुखार, निमोनिया व संक्रमण से पीड़ित पांच बच्चों की मौत हो गयी। तीन बच्चों की हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें ट्रामा सेंटर लखनऊ भेजा है।

मौसमी बीमारियों से पीड़ित बाल रोगियों से चिल्ड्रेन वार्ड खचाखच भरा हुआ है। रामगांव थाना क्षेत्र के ग्राम रमपुरवा निवासिनी पांच वर्षीय रीता देवी पुत्री संजय कुमार व मदनजोत निवासी एक वर्षीय अमित कुमार पुत्र हरिद्वार को कई दिनों से बुखार था। हालत गम्भीर होने पर अमित को शनिवार शाम व रीता को रविवार की सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

बुखार के साथ तेज झटकों से हालत नाजुक होने पर दोनों को आईसीयू में शिफ्ट किया गया। जहां वेंटिलेटर पर ही इन बच्चों की मौत हो गयी। फखरपुर निवासी रूप कुमार की चार माह की पुत्री राधिका निमोनिया व नवजात गीता पुत्री सुरेश कुमार निवासी जरवल रोड व अफसाना बेगम की संक्रमण से हालत नाजुक होने पर उन्हें भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इन तीनों की भी मौत हो गई।

बुखार व संक्रमण से हालत नाजुक होने पर गीता, पिंकी व रानी देवी को चिकित्सकों ने ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर किया है। जिला अस्पताल में रविवार को बुखार, डायरिया व निमोनिया से पीड़ित छह वर्षीय राज, पांच वर्षीय अजहर, एक वर्षीय प्राची, पांच वर्षीय जूली, एक वर्षीय रूनीत सिंह,दो वर्षीय सिफायतुल्ला, पांच वर्षीय नफीस, एक वर्षीय कोमल, 11 वर्षीय सानिया, आफरीन,अरशद, शबद सिंह, अंजार, हिमांशू, सुधा, शिवानी, लवकुश, आसमा, मौर्या समेत 35 बच्चों को भर्ती कराया गया।

इनमें से कई बच्चों की हालत गम्भीर बनी हुई है। पिछले 24 घंटे के भीतर पांच बच्चों की मौत ने जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है।

नाजुक हालत में पहुंच रहे बच्चे

बहराइच। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीके सिंह का कहना है कि निजी नर्सिंग होम या फिर झोलाछाप चिकित्सकों से इलाज कराने के बजाए सीधे अस्पताल पीड़ितों को लाया जाया तो उनकी जान बचाई जा सकती है। यहां अत्यन्त नाजुक हालत में बच्चों को लाया जाता है। जिससे खतरा बढ़ जाता है। सीएमएस का कहना है कि चिकित्सक के साथ सभी कर्मियों को बच्चों के सेहत का पूरी तत्परता से ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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