मंच पर मुलायम और मोदी की केमिस्ट्री फिर जमी

लखनऊ, गोलेश स्वामी  Updated: 20 मार्च, 2017 6:28 AM

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सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव का व्यक्तिगत और राजनैतिक संबंधों का निर्वाह करने का अलग ही अंदाज है। यही वजह रही कि भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भी उनका जलवा कायम रहा। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी मुलायम सिंह यादव की केमिस्ट्री काफी जमी। इससे पहले भी कई बार मोदी और मुलायम के बीच अच्छे रिश्तों की झलक दिखी है। 

मुलायम खुद पहल करके मोदी से मिले। मोदी भी मुलायम से गर्मजोशी से मिले। बाद में उन्होंने अपने बेटे और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी मोदी से मिलाया। मोदी जब चलने लगे तो मुलायम आगे बढ़े और मोदी के कान में भी कुछ कहा। क्या कहा, यह किसी ने नहीं सुना। 

मंच पर मुलायम सिंह भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के साथ पहुंचे। अखिलेश पहले पहुंच चुके थे। अखिलेश ने तत्काल खड़े होकर मुलायम सिंह के पांव छूए। इसके बाद कई भाजपा नेताओं ने भी उनके पांव छुए। मुलायम भाजपा के लोगों से ऐसे मिले जैसे वे सपा के नेता न होकर भाजपा के ही वरिष्ठ नेता हों। वे खुश नजर आ रहे थे, जबकि अखिलेश के चेहरे की भाव-भंगिमाएं भिन्न थीं। 

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू जब मंच पर नेताओं से मिल रहे थे तो मुलायम दूसरी ओर थे, इस पर मुलायम ने उनका हाथ पकड़ कर उनका ध्यान अपनी ओर खींचा। तब नायडू ने मुलायम के प्रति पूरा शिष्टाचार निभाया। उनके और अखिलेश की कुर्सी के बीच में नारायण दत्त तिवारी और वैकेंया नायडू की कुर्सी थी। इसलिए मंच पर बैठे-बैठे अखिलेश से कोई बात नहीं हुई। अखिलेश ज्यादातर बगल में बैठे नारायण दत्त तिवारी और केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार से बातें करते रहे। 

मुलायम सिंह का जलवा यह भी था कि उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने तो उनका हाथ पकड़ कर ऊपर उठा दिया और विजयी मुद्रा में जनता का अभिवादन कराया। उन्होंने शपथ समारोह में शामिल होने आई भीड़ का अभिवादन भी किया। हालांकि मुलायम की तर्ज पर अखिलेश भी चंद्र बाबू नायडू और कुछ भाजपा नेताओं से खुलकर मिले। 

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