मोदी-जेटली से मिले योगी आदित्यनाथ, राम मंदिर मुद्दे पर कुछ नहीं बोले

नई दिल्ली, लाइव हिन्दुस्तान टीम। Updated: 21 मार्च, 2017 2:05 PM

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी मंगलवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचे। यहां वे सबसे पहले संसद भवन गए,  जहां  भाजपा सांसदों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले। 

 

अयोध्या विवाद पर योगी मौन
संसद भवन पहुंचे आदित्यनाथ से जब अयोध्या विवाद पर सवाल किया गया तो वे मौन हो गए और कुछ भी नहीं बोले। दरअसल आज मंगलवार 21 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सभी पक्ष इस मसले को कोर्ट के बाहर सुलझाने का प्रयास करें। कोर्ट ने ये भी कहा कि जरूरत पड़ी तो वे इसमें मध्यस्थता को भी तैयार है। 

जेटली से मिले योगी

इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिले। इस दौरान वित्त राज्य मंत्री अर्जुन मेघावल और संतोष गंगवार भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि शाह से मुलाकात कर मंत्रिमंडल के सदस्यों के विभाग बंटवारे के संबंध में विचार-विमर्श कर सकते हैं। 

 इसके बाद सीएम आदित्यनाथ गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिले। राजनाथ सिंह ने सबसे पहले उनका मुंह मीठा कराया और उन्हें बधाई दी।

 
शाह से मिलकर करेंगे विभागों का बंटवारा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भी मुलाकात होने वाली है, जिसमें राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किए गए मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे पर फैसला लिया जाएगा।

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कानून-व्यवस्था नहीं सुधरी तो नपेंगे अफसर

इससे पहले सीएम का कार्यआर संभालने के बाद योगी आदित्यनाथ ने यूपी कानून-व्यवस्था पर खास तौर पर फोकस किया है। उन्होंने राज्य के डीजीपी जावीद अहमद से 15 दिन के अंदर राज्य में पुलिस व्यवस्था सुधारने का ब्लूप्रिंट तैयार करने को कहा है। सीएम ने इलाहाबाद में बीएसपी नेता की हत्या को लेकर पुलिस को जरूरी निर्देश दिए। साथ ही अफसरों को चेतावनी दी कि अगर वे गोहत्या, महिलाओं के खिलाफ अपराध और सांप्रदायिक तनाव भड़कने से रोकने में असफल रहे तो कड़ी कार्रवाई होगी। 

अफसरों से मांगा आय का ब्यौरा

सीएम बनने के बाद पहले दिन उन्होंने कई बैठक बुलाई। यूपी में मंत्रिमंडल का बंटवारा भले अभी ना हुआ हो लेकिन सरकार ने 100 दिन के अजेंडे पर काम शुरू कर दिया है।योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों के बाद सरकारी अधिकारियों को भी अपनी आमदनी व चल अचल सम्पत्ति का ब्यौरा 15 दिन में  देने को कहा है। उन्होंने सभी अफसरों को खड़ा करके ईमानदारी, पारदर्शिता और स्वच्छता की शपथ दिलाई। साथ ही सूबे को गुंडाराज से मुक्त कर पांच साल में अग्रणी प्रदेश बनाने को कहा।

केशव ने मांगा 100 दिन का समय

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को चुनावी घोषणा पत्र के प्रमुख वादों को पूरा करने के लिए 100 दिन का समय मांगा है। सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही चुनावी घोषणा पत्र को लेकर अहम निर्णय लिए जाने की संभावना है।

नवरात्र के बाद बीजेपी ऑफिस पर रोज एक मंत्री के बैठेगा

सरकार और संगठन के बीच तालमेल बिठाने और कार्यकर्ताओं की सरकार से अपेक्षा पूरी करने की मंशा से नवरात्र त्योहार के बाद प्रदेश बीजेपी कार्यालय पर रोज एक मंत्री बैठने का फैसला किया गया है।

निगमों के 100 अध्यक्ष और सलाहकार बर्खास्त 

वहीं योगी सरकार ने सोमवार को अपनी सरकार पहला बड़ा राजनैतिक फैसला किया है। सरकार ने पिछली  सपा सरकार में नियुक्त किए गए सभी विभागों, निगमों, सार्वजनिक निगमों, परिषदों और समितियों आदि में तैनात सभी गैर सरकारी सलाहकारों,अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सदस्यों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। करीब सौ सपा नेता इन पदों पर नियुक्त किए गए थे।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने सोमवार देर शाम इस आशय के आदेश भी जारी कर दिए।

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